
तदर्थ शिक्षकों की मांग को लेकर एमएलसी ने मुख्यमंत्री से मिलकर किया मांग
फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वर्ष 2000 के बाद नियुक्त अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के समायोजन की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि इन तदर्थ शिक्षकों ने वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दी हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने अंतरिम आदेश में यह स्पष्ट किया है कि इन शिक्षकों को सेवा से बाहर करने की मंशा नहीं है। ऐसे में उनकी समस्याओं को देखते हुए सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
एमएलसी ने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित मुकदमों पर हो रहे सरकारी खर्च को भी इस निर्णय से कम किया जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि याचिका संख्या 5396/2024 (इच्छा सिंह बनाम स्टेट ऑफ यूपी) में 9 नवंबर 2023 के शासनादेश पर रोक लगाते हुए वेतन भुगतान का आदेश दिया गया था, जिसके क्रम में शासन द्वारा कई तदर्थ शिक्षकों को लगातार वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
पत्र में सुझाव दिया गया है कि 9 नवंबर 2023 के शासनादेश में संशोधन अथवा उसे निरस्त करते हुए, जो तदर्थ शिक्षक जिन पदों पर कार्यरत हैं, उन्हें उन्हीं पदों पर समायोजित किया जाए। इससे शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा और न्यायालयों में चल रहे विवाद भी कम होंगे।
विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा राजबहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।



