
राम मंदिर में हुई लुट के सरगना चंपत राय और अनिल मिश्रा डकैत है इनकी जगह जेल है :देवेंद्र प्रताप सिंह एमएलसी
राम मंदिर में हुई लुट में शीर्ष व्यक्तियों का हाथ जांच कर सभी के खिलाफ होनी चाहिए कार्यवाही
विवेक कुमार सिंह,फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो
मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के गोरखपुर क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के लिये डकैत जैसे शब्द का प्रयोग कर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा इनकी जगह जेल है। साथ ही इनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की। एमएलसी ने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की भी तय होनी चाहिए।
आपको बता दे कि मऊ जिले में एक विद्यालय में आयोजित मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन प्रकरण पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, ऐसे में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जानकारी के बिना किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता संभव नहीं हो सकती।
एमएलसी ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, जिन लोगों के अधीन पूरा तंत्र कार्य करता था, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए लोग केवल निचले स्तर के कर्मचारी हैं, जबकि पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर तक तय होनी चाहिए।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट में भगवान श्रीराम के वंशजों तथा राम मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले कारसेवकों और बलिदानियों के परिजनों को शामिल किया जाए। उनका कहना था कि यदि ट्रस्ट में ऐसे लोग होते, जिनकी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव भगवान श्रीराम एवं आंदोलन से रहा है, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट में अब किसी पुराने सदस्य को नहीं रखा जाना चाहिए और पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।एमएलसी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।



