
फर्जी शिक्षा अधिकारी बन लगभग 90 शिक्षकों से डेढ़ करोड़ की ठगी करने वाले दो गिरफ्तार
लगभग 90 शिक्षकों को डरा धमका कर बना चुके है शिकार
फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो
मऊ । पुलिस अधीक्षक जनपद कमलेश बहादुर के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र सिंह के कुशल निर्देशन व प्रभारी निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना घोसी पर वादिनी रोली पत्नी चन्द्र प्रसाद कनौजिया निवासी रघौली थाना घोसी जनपद मऊ द्वारा दिनांक 21.03.2026 को 16.25 बजे दी गयी। इस लिखित सूचना में बताया कि मेरी मां चिन्ता देवी पत्नी सुभाष चन्द्र निवासी मोहम्मदाबाद सिपाह थाना दोहरीघाट मऊ जो कि कम्पोजिट विद्यालय रियाव दोहरीघाट में सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्त है को दिन में करीब 14.30 बजे मो0न0 8353959023 से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन करके यह डराते हुए धमकाया गया कि लखनऊ में एक कैंसर पीड़ित अध्यापक है । जिसकी वरीयता के आधार पर दोहरीघाट में नियुक्ति होनी है । यदि आप तत्काल भेजे गए स्कैनर पर पचास हजार रुपया जमा कर देंगी तो आपका ट्रान्सफर नहीं होगा नहीं तो आपका दोहरीघाट से लखनऊ ट्रान्सफर कर दिया जाएगा । जिस पर डर व भयवश उस काल करने वाले व्यक्ति के झांसे में आकर मेरे द्वारा अपने खाते से भेजे गये स्कैनर पर पचास हजार रुपया जमा किया गया था और जब उस मो0न0 8353959023 से सम्पर्क किया तो मोबाइल बन्द बताने लगा । जिस आधार पर थाना घोसी पर मु0अ0सं0 109/2026 धारा 308(2) बी.एन.एस. व 66 सी/66डी आईटी एक्ट अभियोंग में पंजीकृत किया गया। और एक संयुक्त टीम का गठन किया गया । जिनके द्वारा विवेचना के दौरान भौतिक व इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के सहयोग से मुकदमें में दो नाम क्रमशः नरेन्द्र पाल पुत्र प्रेमशंकर निवासी रहपुरा जागीर थाना फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली व सौरभ पाल पुत्र महेन्द्र पाल निवासी सीवीगंज टेवुलिया थाना फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली का नाम प्रकाश में आया । जिनकी गिरफ्तारी के लिए गठित उक्त टीम द्वारा लोकेशन के आधार पर जनपद बरेली से दिनांक 12.04.2026 की सायं करीब 18.00 बजे उक्त दोनों प्रकाश में आए अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर थाना घोसी लाकर आज दिनांक 13.04.2026 को सुबह 07.30 बजे दाखिल किया गया । पूछताछ में अभियुक्त नरेन्द्र पाल उपरोक्त द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा इण्टरनेट पर प्रदेश में नियुक्त अध्यापकों के सम्बन्ध में न्यूज सर्च किया जाता है जिसमें यदि किसी अध्यापक के खिलाफ कोई शिकायत अथवा जांच प्रचलित होती है व किसी अध्यापक द्वारा स्थानान्तरण व अन्य प्रकरण प्रकाश में आता है तो मैं सम्बन्धित विद्यालय जिस ग्राम सभा में होता है उस ग्राम सभा के ग्राम प्रधान का नाम व मोबाइल नम्बर इण्टरनेट से प्राप्त कर फोन करता हूँ एवं उससे उस अध्यापक के विरुध्द जो भी शिकायत दर्ज होती है के सम्बन्ध में अपना नम्बर उस अध्यापक को यह कहते हुए कि मैं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव पीआरओ या बीएसए अधिकारी बात कर रहा हूँ देने के लिए कहता हूँ । फिर ग्राम प्रधान द्वारा मेरे झांसे में आकर अध्यापक को मेरा नम्बर दिया जाता है और उस अध्यापक द्वारा मेरे नम्बर पर जानकारी किये जाने हेतु फोन किया जाता है । तब मेरे द्वारा उसकी प्रचलित जांच को समाप्त कराने या जो भी अध्यापक की मांग होती है को पूरा करने हेतु रुपयों की मांग करता हूँ एवं व्हाट्सएप के माध्यम से स्कैनर भेज देता हूँ । जिस पर उस अध्यापक द्वारा मेरे इसी डराने धमकाने में आकर रुपये भेज दिये जाते है । अभियुक्त नरेन्द्र से पूछे जाने पर कि तुम किसके एकाउंट में पैसे मगाते हो तो बताया कि मैं अपने साथी सौरभ व एक और विक्रम के सहयोग से खाते का अरेन्जमेन्ट करा कर उनमें पैसे मगांता हूँ । जो कुछ कमीशन काट कर मुझे पैसे दे देते है । इसी कार्य में अभियुक्त सौरभ द्वारा भी अपनी सहमति दर्ज करायी गयी । समस्त अभियुक्तगण द्वारा इसी प्रकार से लगभग 90 शिक्षकों के साथ उन्हे डरा धमका कर उनसे करीब डेढ से दो करोड़ रुपये की धनराशि की उगाही व ठगी की गयी है।
अतः अभियुक्तगण उपरोक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर चालान न्यायालय किया गय़ा ।


