
सांसद राजीव राय ने गुटका पान मसाला सहित आयुष्मान भारत को लेकर सदन में उठाया मुद्दा
फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो
मऊ ज्ञानशिखा टाइम्स ब्यूरो। घोसी लोकसभा के सांसद राजीव राय ने सदन में बोलते हुए गुटखा-पान-मसाले पर सेस के रूप में टैक्स लगाकर उस पैसे को स्वास्थ्य तथा आंतरिक सुरक्षा के नाम पर खर्च करने की बात करने वाली सरकार द्वारा सेस के द्वारा वसूले गए पैसे को स्वास्थ्य, शिक्षा और आंतरिक सुरक्षा के मद में खर्च करने हेतु ट्रांसफर नहीं किया गया है, जो CAG के रिपोर्ट से भी स्पष्ट है, तो जब पैसा इकट्ठा करने के बावजूद उसे खर्च करने के लिए सरकार ट्रांसफर ही नहीं कर रही तो सेस की कटौती क्यों की जा रही ।
घोसी सांसद राजीव राय ने सदन में बोलते हुए कहा कि लगभग 4:30 लाख करोड़ लोग गुटखा पान मसाले के उद्योग से जुड़े हैं। कोई ट्रांसपोर्टेशन वाला है, कोई पैकेजिंग से जुड़ा है, कोई किसान है, तमाम लोग जुड़े हुए हैं, तो जब हम कोई ऐसा कानून बनाते हैं तो यह भी देखने की जरूरत है कि इसका नकारात्मक असर उन करोड़ों परिवारों पर ना पड़े। घोसी सांसद ने कहा सेस किसी समस्या का समाधान नहीं है, और सेस को स्वास्थ्य से जोड़ना सेस को आंतरिक सुरक्षा से जोड़ना कतई उचित नहीं है, अगर हमारी आंतरिक सुरक्षा गुटके के सेस पर निर्भर हो जाएगी तो भगवान ही मालिक हैं। हमारे इनकम टैक्स का 4% हेल्थ और एजुकेशन पर तो लगता है तो फिर यह सेस क्यों, और सेस में यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितना हेल्थ में जाएगा, कितना अंतरिक्ष सुरक्षा में जाएगा। कैग की रिपोर्ट बोलती है कि स्वास्थ्य के लिए 37 हजार करोड़ रुपए सेस के अभी ट्रांसफर नहीं हुए, कैग के अनुसार बीते 6 सालों में 48 हजार करोड़ रुपए माध्यमिक और उच्च शिक्षा के मद में ट्रांसफर नहीं हुए हैं। सरकार ने सेस के द्वारा अभी तक जो पैसा इकट्ठा किया है, उसको ट्रांसफर नहीं कर रही है। घोसी सांसद राजीव राय ने आयुष्मान कार्ड का जिक्र करते हुए परिवार में 6 सदस्यों से कम होने पर आयुष्मान कार्ड न बनने के नियम पर भी सवाल खड़े किए, घोसी सांसद ने सेस के द्वारा एकत्रित धन को स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु उसके मद में ना ट्रांसफर करने पर आड़े हाथों लेते हुए उदाहरण के रूप में बताया कि कैंसर आज के समय में एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है, अस्पतालों में कैंसर के मरीज बहुतायत मिल रहे हैं। ऐसे में जब सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु सेस से मिले पैसे को ट्रांसफर ही नहीं करेगी तो कैंसर जैसी गंभीर मरीजों का इलाज कैसे संभव हो पाएगा, जहां एक-एक इंजेक्शन की कीमत लगभग एक लाख रुपए के करीब होती है। घोसी सांसद राजीव राय ने कहा मैंने भी अपने पिता को कैंसर की बीमारी के चलते ही खोया है, इसलिए मुझे इसका दर्द अच्छे से पता है। घोसी सांसद ने स्वास्थ्य माफियाओं का जिक्र करते हुए कफ-सिरप विवाद मुद्दे को भी सदन में पुरजोर तरीके से उठाया। कफ-सिरप से बच्चे की मौत के चलते उसकी माता द्वारा 1 साल तक भटकने के बावजूद मुकदमा न दर्ज होने के मुद्दे को घोसी सांसद ने सदन में उठाया और कहा जब तक उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य माफिया सक्रिय रहेंगे तो सिर्फ टैक्स लेने से कोई लाभ नहीं होने वाला। सांसद राजीव राय ने स्वास्थ्य माफियाओं के संरक्षण में गतिमान बिना लाइसेंस के फर्जी अस्पतालों में फर्जी डॉक्टरों के द्वारा इलाज के चलते हुए मौतों का भी जिक्र किया और इसे स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर खतरा बताते हुए इस पर भी अंकुश लगाने की मांग की। घोसी सांसद ने पहले के वसूले गए सेस के पैसों को प्रारंभिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा के मद में अब तक ट्रांसफर न किए जाने पर सवाल उठाया।
घोसी सांसद ने सेस को ग़रीब एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक बोझ करार दिया और सेस की उपयोगिता पर सरकार से सवाल किया।



